अयोध्या में 6 अप्रैल को मनाया जाएगा श्रीराम जन्मोत्सव, 56 व्यंजनों का लगेगा भोग, राम मंदिर ट्रस्ट ने जारी किया कार्यक्रम

अयोध्या में 6 अप्रैल, 2025 को बहुत ही धूम धाम से श्रीराम जन्मोत्सव मनाया जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट ने पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है।

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Shri Ram Janmotsav will be celebrated in Ayodhya on 6th April
6 अप्रैल को अयोध्या में मनाया जाएगा श्रीराम जन्मोत्सव | Image: PTI

Ram Navami 2025 : अयोध्या में श्रीराम जन्मोत्सव मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। राम मंदिर ट्रस्ट ने सोमवार को श्रीराम जन्मोत्सव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि श्री राम नवमी का उत्सव चैत्र शुक्ल नवमी, विक्रमी संवत 2081 यानी 6 अप्रैल, 2025 को बहुत ही धूम धाम से मनाया जाएगा।

भगवान राम के जन्म का उत्सव हिंदू चंद्र कैलेंडर के चैत्र शुक्ल की नवमी को मनाया जाता है। यह कार्यक्रम अयोध्या और भगवान राम मंदिर के ऐतिहासिक महत्व को भी दर्शाना है। राम लला जन्मोत्सव के धार्मिक अनुष्ठान सुबह 9:30 बजे से शुरू हो जाएंगे।

  • सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक भगवान राम का अभिषेक
  • 10:30 बजे से 10:40 बजे तक रहेगा भगवान का पर्दा
  • 10:40 बजे से शुरू हो जाएगा भगवान राम लला का श्रृंगार
  • 11:45 बजे तक होगा भगवान का श्रृंगार

56 व्यंजनों का भोग

राम लला के श्रृंगार के दौरान दर्शन करने अयोध्या राम मंदिर पहुंचे श्रद्धालु अपने अराध्य के दर्शन कर सकेंगे। इस खास मौके पर राम लला को 56 व्यंजनों का भोग समर्पित किया जाएगा। दोपहर में ठीक 12:00 बजे राम लला का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए राम मंदिर परिसर में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं।

भगवान सूर्य करेंगे तिलक

राम नवमी के खास अवसर पर अयोध्या राम मंदिर में राम लला का तिलक सूर्य की किरणों से होगा। करीब 4 मिनट तक सूर्य की किरणें राम लला के मस्तक पर 'सूर्य तिलक' करेंगी। पौराणिक हिंदू मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम सूर्यवंशी कुल के थे, इसलिए उन्हें सूर्य तिलक किए जाने की परंपरा है। इसके लिए अयोध्या में नव निर्मित राम मंदिर को इस तैयार से बनाया गया है कि सूर्य का प्रकाश सीधे गर्भगृह में विराजमान रामलला के माथे पर पड़ता है।

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श्रीराम जन्मोत्सव के दिन राम मंदिर में वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस का पाठ होता रहेगा। दुर्गा सप्तशती के 1 लाख मंत्रों की आहुति दी जाएगी और राम जन्मभूमि की यज्ञशाला में यज्ञ चलता रहेगा।

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड